विज्ञप्ति जारी करने हेतू दि. 09 सितंबर 2020 सरकारी नीतियों के साथ चलने की निजी युनिवर्सिटीयों की भूमिका हो उच्च शिक्षा मंत्री उदय सामंत; पेरा एसोसिएशन के वर्चुअल एजुकेशन फेअर का उद्घाटन

पुणे प्रवाह न्युज पोर्टल 



पुणे, ता 09: - शिक्षा और निजी विश्वविद्यालयों के क्षेत्र में सरकार और सभी प्रमुख संस्थानों के बीच कोई संवाद नहीं होने पर छात्रों को नुकसान होने की संभावना है. सरकारों और शैक्षणिक संस्थानों को छात्र केंद्रित नीति के साथ काम करना होगा. यदि निजी विश्वविद्यालयों का संगठन, 'पेरा' (प्रिमीन्यंट एज्युकेशन अँड रिसर्च असोसिएशन) हमेशा छात्रों को मार्गदर्शन करने और उन्हें नवीनतम तकनीक से अवगत कराने के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता है. यह देश की नई शिक्षा नीति की दिशा में एक सकारात्मक कदम उठाया है. नई शिक्षा नीति को लागू करने हेतू बनाई जानेवाली समिति के लिए एक निजी विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि को नियुक्त करना हमारा उद्देश्य है. सरकार हमेशा निजी विश्वविद्यालयों के साथ सकारात्मक संवाद से काम करेगी, ऐसा प्रतिपादन महाराष्ट्र के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री. उदय सामंत द्वारा प्रस्तुत किया गया.


बुधवार को निजी विश्वविद्यालयों के संगठन, पेरा (स्थायी शिक्षा और अनुसंधान संघ) द्वारा वर्चुअल एजुकेशन फेयर का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम के उद्घाटन के मुख्य अतिथि के रूप में वे बोल रहे थे. इस समय, पेरा एसोसिएशन के अध्यक्ष और एमआईटी एडीटी विश्वविद्यालय के कार्यकारी अध्यक्ष, प्रा. डॉ मंगेश कराड, उपाध्यक्ष भरत अग्रवाल, डॉ. स्वाति मुज़मदार, डॉ. सुधीर गाव्हाने आदी उपस्थित थे. 


मंत्री श्री. उदय सामंत ने कहा कि 2014 में राज्य में निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया. तब से, इन विश्वविद्यालयों ने अपनी ताकत का उपयोग करके देश में शिक्षा के क्षेत्र में बहुत प्रगति की है. कोरोना संकट हर जगह है और इस पर काबू पाकर, महाराष्ट्र के छात्रों को अकादमिक रूप से मजबूत होना चाहिए. उन्हें अच्छे मार्गदर्शन की जरूरत है. 'पेरा' द्वारा आयोजित फेअर महाराष्ट्र के शिक्षा क्षेत्र को एक अलग दिशा देगा. कोरोना संकट के दौरान, निजी विश्वविद्यालयों को एक साथ आना चाहिए और छात्रों को विभिन्न मुद्दों के बारे में सूचित करना चाहिए. दुनिया की आधुनिक तकनीक को आत्मसात कर छात्रों को कुछ नया देने का प्रयास किया जाना चाहिए. सरकारों और संगठनों को एक साथ काम करना होगा. निजी विश्वविद्यालयों में कई समस्याएं हैं. संस्थागत प्रबंधकों को भविष्य में नवीनतम तकनीक सिखाते हुए अच्छे वातावरण में संस्थान को चलाना चाहिए. इसमें सरकार के पूरक नियम और दायित्व हमेशा आपके साथ होंगे. 


राज्य में जल्द ही वर्टिकल युनिव्हर्सिटी की अवधारणा


यह राज्य में एक सरकारी या निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए 25 एकर जमीन की एक महत्वपूर्ण शर्त है. राज्य सरकार ने इस पर पुनर्विचार करने का निर्णय लिया है. यह विचार राज्य में वर्टिकल यूनिवर्सिटी की अवधारणा को लागू करना है, जिसमें कोई जमीन की शर्त नहीं होगी, यह निर्णय नए विश्वविद्यालयों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करेगा.


प्रा. डॉ मंगेश कराड ने कहा, देश में उच्च शिक्षा में महाराष्ट्र का विशेष स्थान है. राज्य ने देश को उच्च शिक्षा में एक मॉडल दिया है. सरकार ने निजी विश्वविद्यालयों को शिक्षा देकर उच्च शिक्षा में योगदान दिया है. नई शिक्षा नीति ने कुछ विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में प्रवेश करने से रोक दिया है. अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ हमारी प्रतिस्पर्धा है. हम भविष्य के बदलाव के अग्रदूतों को पहचानकर बेस्ट प्रैक्टिस के बजाय नेक्स्ट प्रैक्टिस के लिए काम करना जारी रखेंगे. हम थिंक टैंक बनकर राज्य की उच्च शिक्षा का मार्गदर्शन करने का प्रयास करेंगे.


      डॉ भरत अग्रवाल ने कहा, "हम चाहते हैं कि निजी विश्वविद्यालय राज्य सरकार की सोच से परे जाकर अधिक काम करेंगे. राज्य सरकार और शिक्षा मंत्रालय से सहयोग जारी रखकर काम करना है. भविष्य में, पेरा छात्रों के लाभ के लिए और उनके उचित करियर मार्गदर्शन के लिए काम करना जारी रखेगा.


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